ਭਾਰਤ

असम में बाढ़ का कहर: लाखों लोग प्रभावित, राहत और बचाव कार्य तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियों के उफान पर होने से राज्य में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ से 75 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3.32 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA), एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट जाने के कारण राहत सामग्री नावों और अन्य विशेष साधनों से पहुंचाई जा रही है। प्रभावित लोगों को भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बाढ़ के कारण हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पशुधन की भी बड़ी संख्या प्रभावित हुई है और कई जानवर बह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए विशेष चिकित्सा शिविर लगाए हैं।

इस बीच, असम सरकार ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए अतिरिक्त ₹5 लाख की अनुग्रह राशि देने तथा मुआवजे के नियमों में राहत देने का निर्णय लिया है। गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों और विद्यार्थियों को भी मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

राहत कार्यों को गति देने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने असम के लिए भेजी जाने वाली राहत सामग्री पर कार्गो शुल्क माफ करने की घोषणा की है। वहीं, विभिन्न सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और नागरिक भी बड़े पैमाने पर राहत सामग्री एकत्र कर प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ के पीछे भारी मानसूनी वर्षा, ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ना, नदी में गाद जमा होना और जल निकासी की समस्याएं प्रमुख कारण हैं। उन्होंने दीर्घकालिक और वैज्ञानिक समाधान अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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