ਪੰਜਾਬਭਾਰਤਲੁਧਿਆਣਾ

तलाबीरा-2 कोल ब्लॉक केस में डॉ. मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सभी आरोपों से बरी

नई दिल्ली, 30 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने तलाबीरा-2 कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को सभी आरोपों से बरी करते हुए वर्ष 2015 के विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है। यह फैसला उनके निधन के लगभग दो वर्ष बाद आया है और करीब 11 वर्षों से चल रही कानूनी प्रक्रिया का अंत माना जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए कहा कि जांच के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ किसी भी प्रकार के आपराधिक षड्यंत्र, भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल प्रशासनिक निर्णयों के आधार पर किसी व्यक्ति को आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

यह मामला वर्ष 2005 में ओडिशा के तलाबीरा-2 कोल ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। उस समय डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के साथ-साथ कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। कोल ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था।

सीबीआई ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर कहा था कि डॉ. मनमोहन सिंह की किसी भी आपराधिक भूमिका का कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके बावजूद वर्ष 2015 में विशेष सीबीआई अदालत ने उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद इस मामले का आधिकारिक रूप से पटाक्षेप हो गया है। इसे कोयला आवंटन (कोलगेट) प्रकरण से जुड़े अंतिम लंबित आपराधिक मामलों में से एक माना जा रहा था। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय इस सिद्धांत को भी मजबूत करता है कि किसी भी सार्वजनिक पदाधिकारी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य आवश्यक हैं।

MSB
the authorMSB