प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक भावनात्मक संदेश जारी करते हुए कहा कि “गालियां कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होतीं।” उन्होंने समाज से अपील की कि भटके हुए लोगों को दंडित करने या उनसे नफरत करने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाने का प्रयास किया जाए। यह संदेश हाल के छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई अभद्र टिप्पणियों की पृष्ठभूमि में आया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति संवाद, धैर्य और सकारात्मक सोच में निहित है। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा या व्यक्ति गलत दिशा में चला गया है, तो उसकी निंदा करने के बजाय उसे समझाने और सही मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कटु भाषा और घृणा केवल दूरियां बढ़ाती हैं, जबकि संवाद और सहयोग से ही राष्ट्र मजबूत बनता है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने चार महत्वपूर्ण बातें कहीं—
“Abuses never solve anything.
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat.”
हिंदी में इसका अर्थ है—
“गालियां कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होतीं।
आइए, भटके हुए लोगों को सही राह दिखाएं।
आइए, मिलकर काम करें।
आइए, भारत के लिए काम करें।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उन्हें सही दिशा देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मतभेदों को टकराव में बदलने के बजाय संवाद और सहयोग का रास्ता अपनाएं, ताकि देश विकास और सामाजिक सद्भाव के साथ आगे बढ़ सके।






