नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे ही सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफे की खबर सामने आई, प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी और खुशी का इजहार किया। कई छात्रों ने नारे लगाए और इसे अपने लंबे संघर्ष की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं ने कहा कि लगातार आंदोलन, धरना और विरोध प्रदर्शन के बाद उनकी आवाज देशभर में पहुंची है। उनका कहना था कि यह फैसला छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से किए गए संघर्ष की ताकत को दर्शाता है।
हालांकि छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसी मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस्तीफे की खबर के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी और राजनीतिक प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तथा छात्रों की प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया। पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी हुई है।
छात्रों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाएगी, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का विश्वास और मजबूत हो सके।
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